Friday, August 21, 2009
Learning Swimming
Monday, July 13, 2009
Houston Visit

Tuesday, July 7, 2009
Trip to Los Angeles
- Flight Missed morning our flight was at 7:40 am , and we reached little late to the airport, so missed the trip. Starting itself was exciting. so we had to catch 11 'O clock flight.
- Reached LA Airport, around 12:00 , collected Luggage. we had to take Rental car, first time i saw a shuttle for rental. anyways we got a nice car.
- Reached Hotel by 2:00 pm, now we were hungry, so started looking for options, and the best was Subway. Had our lunch and started for Universal.
- We were at Universal Studios by 4:00pm, little late but climate was very nice, we felt even happier as we traveled from Texas.
- Universal Studios is Really a fun place. we took the world famous tour,did some rides, and walked a lot. evening we came back had some food and slept. next morning we completed rest of the things in Universal. 2 days in Universal studios, we had real good time.
- Santa Monica Beach: evening we went to Santa Monica beach, seen a beautiful sunset.
- Night went to a nice Indian Restaurant in Little India village , and had delicious food. we were tired, so just slept off.
- Catalina island : A beautiful island, traveling time to island from long beach is nearly 1.5 hours, that's a beautiful view, blue water looks pretty good. island was awesome experience. We took a undersea tour that was a lifetime experience, seeing fishes under the sea.
- Drive on pacific highway: evening we drove to malibu on Pacific highway, scenic road.driving on the road and one side you see ocean, that was amazing.
- Sea world : sea world is fun place, it has shows Shamu show, dolphin's show and others, Rides and much more,it was fun.
Friday, October 31, 2008
Trick Or Treat
so in US you will hear about this too much, special for Kids!
so lets discuss some more about "Halloween"
The term Halloween is shortened from All Hallows' Even (both "even" and "eve" are abbreviations of "evening," but "Halloween" gets its "n" from "even") as it is the eve of "All Hallows' Day, which is now also known as All Saint's Day. It was a day of religious festivities in various northern European Pagan traditions
Halloween (or Hallowe’en) is an international holiday celebrated on the evening of October 31; today it is often celebrated in the morning and afternoon as well. Halloween activities include trick-or-treating, ghost tours, bonfires, costume parties, visiting haunted attractions, carving jack-o'-lanterns, reading scary stories, and watching horror movies. Irish and Scottish immigrants carried versions of the tradition to North America in the nineteenth century. Other western countries embraced the holiday in the late twentieth century.
Tonight I am going to Halloween parade.
Happy Halloween !
Friday, September 26, 2008
October 17, 2008 the sun will rise continuously for 36 hrs (1.5 days)
This email i received today morning, Forwarded by one of my friend.
I thought, "how come this is possible" and email said "it happens once in 2400 years, and we are lucky".
anyways I googled it and so many results, wikianswers, yahooanswers, everywhere people are talking about this.
But most of them are saying “It’s a rumor".
Still no one found out what is the source of this strange news.
If it happens, that means earth will stop rotating on its axis and will take some rest :), what will happen to all the physics laws ( does not apply for this 1.5day).
why only 1.5 days, No freaking Idea.
the best part of email " in US it will be dark for 1.5 Days" , i will sleep for 1.5 days, so i might be lucky there .
Lets wait n watch.
Wednesday, August 20, 2008
जब यही जीना है दोस्तों तो फ़िर मरना क्या है?
पहली बारिश में ट्रेन लेट होने की फ़िक्र हैभूल गये भीगते हुए टहलना क्या है?
सीरियल्स् के किर्दारों का सारा हाल है मालूमपर माँ का हाल पूछ्ने की फ़ुर्सत कहाँ है? अब रेत पे नंगे पाँव टहलते क्यूं नहीं? 108 हैं चैनल् फ़िर दिल बहलते क्यूं नहीं?
इन्टरनैट से दुनिया के तो टच में हैं,लेकिन पडोस में कौन रहता है जानते तक नहीं. मोबाइल, लैन्डलाइन सब की भरमार है,लेकिन जिग्ररी दोस्त तक पहुँचे ऐसे तार कहाँ हैं? कब डूबते हुए सुरज को देखा त, याद है?कब जाना था शाम का गुज़रना क्या है?तो दोस्तों शहर की इस दौड़ में दौड़् के करना क्या हैजब् यही जीना है तो फ़िर मरना क्या है?
Wednesday, July 30, 2008
हिप्पी कट भक्तभगवान
आराम करो !
एक मित्र मिले, बोले, "लाला, तुम किस चक्की का खाते हो? इस डेढ़ छँटाक के राशन में भी तोंद बढ़ाए जाते हो।
क्या रक्खा है माँस बढ़ाने में, मनहूस, अक्ल से काम करो
संक्रान्ति-काल की बेला है, मर मिटो, जगत में नाम करो।
"हम बोले, "रहने दो लेक्चर, पुरुषों को मत बदनाम करो।
इस दौड़-धूप में क्या रक्खा, आराम करो, आराम करो।
आराम ज़िन्दगी की कुंजी, इससे न तपेदिक होती है।
आराम सुधा की एक बूंद, तन का दुबलापन खोती है।
आराम शब्द में 'राम' छिपा जो भव-बंधन को खोता है।
आराम शब्द का ज्ञाता तो विरला ही योगी होता है।
इसलिए तुम्हें समझाता हूँ, मेरे अनुभव से काम करो।
ये जीवन, यौवन क्षणभंगुर, आराम करो, आराम करो
यदि करना ही कुछ पड़ जाए तो अधिक न तुम उत्पात करो
घर में बैठे-बैठे बस लंबी-लंबी बात करो
करने -धरने में क्या रक्खा जो रक्खा बात बनाने मेंजो ओठ हिलाने में रस है, वह कभी न हाथ हिलाने में।
तुम मुझसे पूछो बतलाऊँ -- है मज़ा मूर्ख कहलाने में।
जीवन-जागृति में क्या रक्खा जो रक्खा है सो जाने में।
मैं यही सोचकर पास अक्ल के, कम ही जाया करता हूँ।
जो बुद्धिमान जन होते हैं, उनसे कतराया करता हूँ।
दीए जलने के पहले ही घर में आ जाया करता हूँ।
जो मिलता है, खा लेता हूँ, चुपके सो जाया करता हूँ।
मेरी गीता में लिखा हुआ -- सच्चे योगी जो होते हैं,वे कम-से-कम बारह घंटे तो बेफ़िक्री से सोते हैं।
अदवायन खिंची खाट में जो पड़ते ही आनंद आता है।
वह सात स्वर्ग, अपवर्ग, मोक्ष से भी ऊँचा उठ जाता है।
जब 'सुख की नींद' कढ़ा तकिया, इस सर के नीचे आता है,तो सच कहता हूँ इस सर में, इंजन जैसा लग जाता है।
मैं मेल ट्रेन हो जाता हूँ, बुद्धि भी फक-फक करती है।
भावों का रश हो जाता है, कविता सब उमड़ी पड़ती है।
मैं औरों की तो नहीं, बात पहले अपनी ही लेता हूँ।
मैं पड़ा खाट पर बूटों को ऊँटों की उपमा देता हूँ।
मैं खटरागी हूँ मुझको तो खटिया में गीत फूटते हैं।
छत की कड़ियाँ गिनते-गिनते छंदों के बंध टूटते हैं।
मैं इसीलिए तो कहता हूँ मेरे अनुभव से काम करो।
यह खाट बिछा लो आँगन में, लेटो, बैठो, आराम करो।
- गोपालप्रसाद व्यास
पहलवान की सुहागरात
लीजिए अब सुनिए एक पहलवान की सुहागरात का हाल:
एक पहलवान का होने वाला था विवाहउसके दोस्तों ने दी उसे सलाहलड़की से जरा कोमल बात करनाभावुकता भरे शब्दों की बरसात करना।
प्रथम रात्रि में पहलवान ने मुगदर घुमायापलंग का बाईसवां चक्कर लगायाऔर बहुत सोच समझकर बोला "पंजा लड़ायेगी"।
मुश्किल है अपना मेल प्रिये, ये प्यार नही है खेल प्रिये
मुश्किल है अपना मेल प्रिये, ये प्यार नही है खेल प्रिये
तुम MA फर्स्ट डिविजन हो, मैं हुआ मेट्रिक फेल प्रिये
मुश्किल है अपना मेल प्रिये, ये प्यार नही है खेल प्रिये
तुम फौजी अफसर की बेटी , मैं तो किसान का बेटा हूँ
तुम रबडी खीर मलाई हो, मै तो सत्तू सपरेटा हूँ
तुम AC घर में रहती हो, मैं पेड के नीचे लेटा हूँ
तुम नयी मारुती लगती हो, मै स्कूटर लम्ब्रेटा हूँ
इस कदर अगर हम छुप छुप कर, आपस में प्यार बढाएंगे
तो एक रोज तेरे डेडी, अमरीश पुरी बन जाएंगे
सब हड्डी पसली तोड मुझे वो भिजव देंगे जेल प्रिये
मुश्किल है अपना मेल प्रिये, ये प्यार नही है खेल प्रिये
तुम अरब देश की घोडी हो, मैं हूँ गदहे की नाल प्रिये.
तुम दीवाली का बोनस हो, मै भूखों की हडताल प्रिये.
तुम हीरे जडी तश्तरी हो, मैं एल्युमिनिअम का थाल प्रिये.
तुम चिकन सूप बिरयानी हो, मैं कंकड वाली दाल प्रिये.
तुम हिरन चौकडी भरती हो, मै हू कछुए की चाल प्रिये.
तुम चंदन वन की लकडी हो, मैं हू बबूल की छाल प्रिये
मै पके आम सा लटका हूँ मत मारो मुझे गुलेल प्रिये
मुश्किल है अपना मेल प्रिये, ये प्यार नही है खेल प्रिये
मै शनी देव जैसा कुरूप, तुम कोमल कन्चन काया हो
मै तन से मन से कांशी राम, तुम महा चंचला माया हो
तुम निर्मल पावन गंगा हो, मैं जलता हुआ पतंगा हूँ
तुम राज घाट का शांति मार्च, मै हिन्दू मुस्लिम दंगा हूँ
तुम हो पूनम का ताजमहल, मै काली गुफा अजन्ता की
तुम हो वरदान विधाता का, मैं गलती हूँ भगवंता की
तुम जेट विमान की शोभा हो, मैं बस की ठेलमठेल प्रिये
मुश्किल है अपना मेल प्रिये, ये प्यार नही है खेल प्रिये
तुम नयी विदेशी मिक्सी हो, मै पत्थर का सिलबट्टा हूँ
तुम ए. के. सैतालिस जैसी, मैं तो एक देसी कट्टा हूँ
तुम चतुर राबडी देवी सी, मै भोला भाला लालू हूँ
तुम मुक्त शेरनी जन्गल की, मै चिडिया घर का भालू हूँ
तुम व्यस्त सोनिया गाँधी सी, मै वी पी सिंह सा खाली हूँ
तुम हँसी माधुरी दीक्षित की, मैं हवलदार की गाली हूँ
कल जेल अगर हो जाये तो, दिलवा देना तुम 'बेल' प्रिये
मुश्किल है अपना मेल प्रिये, ये प्यार नही है खेल प्रिये
मैं ढाबे के ढाँचे जैसा, तुम पाँच सितार होटल हो
मैं महुए का देसी ठर्रा, तुम 'रेड लेबल' की बोतल हो
तुम चित्रहार का मधुर गीत, मै कृषि दर्शन की झाडी हूँ
तुम विश्व सुन्दरी सी कमाल, मैं तेलिया छाप कबाडी हूँ
तुम सोनी का मोबाइल हो, मैं टेलीफोन वाला चोगा
तुम मछली मनसरोवर की, मैं हूँ सागर तट का घोंघा
दस मंजिल से गिर जाऊंगा, मत आगे मुझे धकेल प्रिये
मुश्किल है अपना मेल प्रिये, ये प्यार नही है खेल प्रिये
तुम सत्ता की महारानी हो, मैं विपक्ष की लचारी हूं
तुम हो ममता जयललिता सी, मैं क्वाँरा अटल बिहारी हूँ
तुम तेन्दुलकर का शतक प्रिये, मैं फालो-आन की पारी हूँ
तुम Getz, Maruti, Santro हो, मैं Leyland की लारी हूं
मुझको रेफ्री ही रहने दो, मत खेलो मुझसे खेल प्रिये
मुश्किल है अपना मेल प्रिये, ये प्यार नही है खेल प्रिये ......
Wednesday, October 31, 2007
हमारा भी ब्लोग
बहुत लोगो के विचार पढे और बहुत बार सोचा कि अपना भी एक ब्लोग होना चाहिए, जहाँ हम भी कुछ लिख पाएं।
देश से बाहर आने के बाद, अपना देश, अपनी भाषा सब कुछ बहुत यद् आने लगता है।
कई साल पहले कवितायेँ भी लिखता था, सोचता ह फिर से लिखना प्रारंभ किया जाये.
