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Wednesday, August 20, 2008

शहर की इस दौड़ में दौड़ के करना क्या है?
जब यही जीना है दोस्तों तो फ़िर मरना क्या है?
पहली बारिश में ट्रेन लेट होने की फ़िक्र हैभूल गये भीगते हुए टहलना क्या है?
सीरियल्स् के किर्दारों का सारा हाल है मालूमपर माँ का हाल पूछ्ने की फ़ुर्सत कहाँ है? अब रेत पे नंगे पाँव टहलते क्यूं नहीं? 108 हैं चैनल् फ़िर दिल बहलते क्यूं नहीं?
इन्टरनैट से दुनिया के तो टच में हैं,लेकिन पडोस में कौन रहता है जानते तक नहीं. मोबाइल, लैन्डलाइन सब की भरमार है,लेकिन जिग्ररी दोस्त तक पहुँचे ऐसे तार कहाँ हैं? कब डूबते हुए सुरज को देखा त, याद है?कब जाना था शाम का गुज़रना क्या है?तो दोस्तों शहर की इस दौड़ में दौड़् के करना क्या हैजब् यही जीना है तो फ़िर मरना क्या है?

Wednesday, July 30, 2008

मुश्किल है अपना मेल प्रिये, ये प्यार नही है खेल प्रिये

मुश्किल है अपना मेल प्रिये, ये प्यार नही है खेल प्रिये


मुश्किल है अपना मेल प्रिये, ये प्यार नही है खेल प्रिये


तुम MA फर्स्ट डिविजन हो, मैं हुआ मेट्रिक फेल प्रिये


मुश्किल है अपना मेल प्रिये, ये प्यार नही है खेल प्रिये


तुम फौजी अफसर की बेटी , मैं तो किसान का बेटा हूँ


तुम रबडी खीर मलाई हो, मै तो सत्तू सपरेटा हूँ


तुम AC घर में रहती हो, मैं पेड के नीचे लेटा हूँ


तुम नयी मारुती लगती हो, मै स्कूटर लम्ब्रेटा हूँ





इस कदर अगर हम छुप छुप कर, आपस में प्यार बढाएंगे


तो एक रोज तेरे डेडी, अमरीश पुरी बन जाएंगे


सब हड्डी पसली तोड मुझे वो भिजव देंगे जेल प्रिये


मुश्किल है अपना मेल प्रिये, ये प्यार नही है खेल प्रिये





तुम अरब देश की घोडी हो, मैं हूँ गदहे की नाल प्रिये.


तुम दीवाली का बोनस हो, मै भूखों की हडताल प्रिये.


तुम हीरे जडी तश्तरी हो, मैं एल्युमिनिअम का थाल प्रिये.


तुम चिकन सूप बिरयानी हो, मैं कंकड वाली दाल प्रिये.


तुम हिरन चौकडी भरती हो, मै हू कछुए की चाल प्रिये.


तुम चंदन वन की लकडी हो, मैं हू बबूल की छाल प्रिये


मै पके आम सा लटका हूँ मत मारो मुझे गुलेल प्रिये


मुश्किल है अपना मेल प्रिये, ये प्यार नही है खेल प्रिये





मै शनी देव जैसा कुरूप, तुम कोमल कन्चन काया हो


मै तन से मन से कांशी राम, तुम महा चंचला माया हो


तुम निर्मल पावन गंगा हो, मैं जलता हुआ पतंगा हूँ


तुम राज घाट का शांति मार्च, मै हिन्दू मुस्लिम दंगा हूँ


तुम हो पूनम का ताजमहल, मै काली गुफा अजन्ता की


तुम हो वरदान विधाता का, मैं गलती हूँ भगवंता की


तुम जेट विमान की शोभा हो, मैं बस की ठेलमठेल प्रिये


मुश्किल है अपना मेल प्रिये, ये प्यार नही है खेल प्रिये




तुम नयी विदेशी मिक्सी हो, मै पत्थर का सिलबट्टा हूँ


तुम ए. के. सैतालिस जैसी, मैं तो एक देसी कट्टा हूँ


तुम चतुर राबडी देवी सी, मै भोला भाला लालू हूँ


तुम मुक्त शेरनी जन्गल की, मै चिडिया घर का भालू हूँ


तुम व्यस्त सोनिया गाँधी सी, मै वी पी सिंह सा खाली हूँ


तुम हँसी माधुरी दीक्षित की, मैं हवलदार की गाली हूँ


कल जेल अगर हो जाये तो, दिलवा देना तुम 'बेल' प्रिये


मुश्किल है अपना मेल प्रिये, ये प्यार नही है खेल प्रिये





मैं ढाबे के ढाँचे जैसा, तुम पाँच सितार होटल हो


मैं महुए का देसी ठर्रा, तुम 'रेड लेबल' की बोतल हो


तुम चित्रहार का मधुर गीत, मै कृषि दर्शन की झाडी हूँ


तुम विश्व सुन्दरी सी कमाल, मैं तेलिया छाप कबाडी हूँ


तुम सोनी का मोबाइल हो, मैं टेलीफोन वाला चोगा


तुम मछली मनसरोवर की, मैं हूँ सागर तट का घोंघा


दस मंजिल से गिर जाऊंगा, मत आगे मुझे धकेल प्रिये


मुश्किल है अपना मेल प्रिये, ये प्यार नही है खेल प्रिये





तुम सत्ता की महारानी हो, मैं विपक्ष की लचारी हूं


तुम हो ममता जयललिता सी, मैं क्वाँरा अटल बिहारी हूँ


तुम तेन्दुलकर का शतक प्रिये, मैं फालो-आन की पारी हूँ


तुम Getz, Maruti, Santro हो, मैं Leyland की लारी हूं


मुझको रेफ्री ही रहने दो, मत खेलो मुझसे खेल प्रिये


मुश्किल है अपना मेल प्रिये, ये प्यार नही है खेल प्रिये ......